जब महिलाएँ बढ़ती हैं आगे, तब बदलता है गांव का भविष्य
महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदमः ग्राम संगठनों में गैरकृषि आजीविका कार्यशालाओं का आयोजन

एमसीबी/15 जनवरी 2026/ जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती अंकिता सोम के दिशा-निर्देशानुसार मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के समस्त ग्राम संगठनों में एक व्यापक अभियान के तहत एक दिवसीय गैरकृषि आजीविका कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के नए अवसर सृजित करना तथा महिलाओं एवं स्वसहायता समूह सदस्यों को कृषि के अतिरिक्त आयवर्धक गतिविधियों से जोड़ना है।

जिलेभर में संचालित इस विशेष अभियान के माध्यम से लगभग 10 हजार स्वसहायता समूह सदस्यों को गैरकृषि आधारित आजीविका गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कार्यशालाओं के दौरान प्रतिभागियों को यह बताया जा रहा है कि वे पारंपरिक कृषि कार्यों के साथ-साथ मैन्युफैक्चरिंग, ट्रेडिंग, सेवा क्षेत्र, उद्यम एवं उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में कार्य कर अपनी आय को सशक्त बना सकती हैं।

कार्यक्रम में उद्यम की अवधारणा, एक सफल उद्यमी बनने के लिए आवश्यक कौशल, तथा छोटे स्तर पर व्यवसाय प्रारंभ करने की प्रक्रिया को सरल एवं व्यवहारिक भाषा में समझाया जा रहा है। साथ ही समूह सदस्यों को MSME पंजीयन, FSSAI लाइसेंस सहित आवश्यक पंजीकरणों की जानकारी दी जा रही है, जिससे वे अपने उत्पादों एवं सेवाओं को वैधानिक पहचान के साथ बाजार तक पहुंच सकें।

कार्यशालाओं में गैर कृषि गतिविधियों को प्रारंभ करने हेतु वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता पर भी विशेष फोकस किया गया है। प्रतिभागियों को बैंक ऋण, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (PMFME), AGEY, ग्रामोद्योग सहित अन्य शासकीय योजनाओं के अंतर्गत उपलब्ध सहायता, सब्सिडी एवं ऋण सुविधाओं की जानकारी विस्तार से दी जा रही है। इससे समूह सदस्यों को यह समझने में सहायता मिल रही है कि सीमित पूंजी के बावजूद वे शासकीय सहयोग से अपना व्यवसाय सफलतापूर्वक प्रारंभ कर सकती हैं। जिला पंचायत का यह प्रयास ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने, स्वसहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाने तथा महिलाओं को स्थायी एवं सम्मानजनक आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।




