चिरमिरी की अंधेरी रातें और यादों वाली लालटेन

की चिरमिरी जोकि कभी कोयला खदानों की रोशनी के लिए जाना जाता था आज अक्सर अंधेरे में डूबा रहता है बिजली की लुका छिपी अब यहां की निवासियों की दिनचर्या का हिस्सा बन गई है जब आधुनिक इनवर्टर जवाब दे जाता है और मोबाइल की बैटरी खत्म होने लगती है

तब कोने में धूल खाती हुई वह पुरानी लालटेन फिर से याद आती है अंधेरे में जलता है उम्मीद लालटेन की वह मध्यम रोशनी हमें उसे दौर में वापस ले जाती है जहां बिजली न होना कोई बड़ी बात नहीं थी लेकिन आज के डिजिटल युग में घंटो बिजली गायब रहना न केवल बच्चों की पढ़ाई को प्रभावित करता है

बल्कि छोटे व्यापारियों और घरों के सुकून को भी छीन लेता है समस्या का समाधान जरूरी बिजली का बार-बार जाना केवल एक असुविधा नहीं बल्कि हमारे विकास की गति को रोकने वाला कारक है हमें प्रशासन और विभाग से यह उम्मीद है कि वह चिरमिरी की इस बुनियादी समस्या पर ध्यान दें ताकि हमें रोशनी के लिए दोबारा उसे लालटेन के युग में ना लौटना पड़े




